रेंगूनी पंचायत का मामला
पंचायत समिति सदस्य संग मानव अधिकार प्रोटेक्शन के प्रदेश सचिव ने जताई आपत्ति
कतरास। ईस्ट बांसुरिया अंतर्गत रेंगूनी पंचायत में रेंगूनी बस्ती से होकर आठ लेन सड़क को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के आवा गमन के विरोध में पंचायत समिति प्रतिनिधि विशाल कुमार के नेतृत्व में प्रेसवार्ता कर ग्रामीणों को हो रही समस्या को लेकर आंदोलन की रणनीति की जानकारी दी गई।
प्रेस वार्ता में पंचायत समिति सदस्य मनोहर महतो ने कहा कि ग्रामीण सड़क से भारी वाहनों के आने जाने से दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों की समस्या को लेकर पुलिस प्रशासन के साथ अंचल अधिकारी को भी अवगत कराया गया है। भारी वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लगाई जाती है तो जिला मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा।
मानव अधिकार प्रोटेक्शन के झारखंड प्रदेश सचिव सुंदिष्ट कुमार ने कहा कि ग्रामीण सड़क पर भारी वाहन खास कर हाइव का परिचालन से ग्रामीण भय में हैं। प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीण सड़क पर चालीस से पचास टन भार वाले हाइव के परिचालन से सड़क जल्दी टूट जाएगी और ग्रामीण सड़क भारी वाहनों के वजन झेलने लायक नहीं बनता है।
स्थानीय ग्रामीण सह समाजसेवी अभिताभ दत्ता उर्फ राणा दत्ता ने कहा कि ग्रामीण सड़क पर भारी वाहन चलने से लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीण सड़क दोनों ओर से घर से सटा होता है। ऐसे में दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। ग्रामीण भय के माहौल में जीवन बसर कर रहे हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ अजीत कुमार चौधरी, कंचन सिंह, राजेंद्र प्रसाद महतो, शिवनाथ शर्मा, चंदन साव, वीरेंद्र विश्वकर्मा, हरिहर लाल आदि मौजूद थे।


