संतमत सत्संग का 28 वाँ दो दिवसीय अधिवेशन संपन्न
भूली। संत महर्षि मेंहीं आश्रम शिवपुरी भूली में संतमत सत्संग का 28 वाँ दो दिवसीय अधिवेशन का मंगलवार को संपन्न हुआ। अधिवेशन में स्वामी प्रमोद जी महराज, स्वामी निर्मलानंद जी महराज, स्वामी, गुरुनंदन जी महाराज , स्वामी परमानंद बाबा, स्वामी जय कुमार बना , सकलानंद बाबा ने अपने विचारों से भक्तों का मार्गदर्शन किया।
बाबा सकलानंद ने जीवन सत्कर्म को प्राथमिकता देते हुए कहा कि मानव जीवन में मनुष्य अपने कर्मों का फल ही पाता है। अच्छे कर्म का फल अच्छा सुखदायक होता है और बुरे कर्मों का फल पीड़ादायक।

स्वामी प्रमोद जी महराज ने कहा कि स्वयं को जानने के लिए सत्संग और गुरु की आवश्यकता होती है। गुरु आपको जीवन में सत्य की खोज के साथ स्वयं को भीतर से जानने का मार्ग बतलाते हैं। जो आनंद के साथ मोक्ष का रास्ता बनाता है। गुरु के संगत के बिना ना ज्ञान प्राप्त होता है और ना ही जीवन में सत्य की खोज संभव होती है।

संतमत सत्संग के अधिवेशन के दूसरे दिन नारी शक्ति जन सुविधा केंद्र की केंद्रीय अध्यक्ष लक्ष्मी देवी अधिवेशन में शामिल हुई और गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। लक्ष्मी देवी ने सहयोग स्वरूप 40 कम्बल भेंट किए।

मौके पर जिलाध्यक्ष गजानंद अग्रवाल, मनमोहन सिंह, अशोक पंडित, रोहित पंडित, धनेश्वर रवानी, विक्की कुमार, सुरीप सिंह, धीरेन्द्र सिंह, बादल हेमराज, शिबू कुमार, नरेश पासवान, अरुण देव प्रसाद, नारायण यादव, जयश्री राय, रामानंद कुमार, शिवानंद स्वामी, ऊषा देवी, शालिनी कुमारी, मंजू देवी, शिवानी कुमारी, कुंती देवी, कविता देवी, संगीता कुमारी , आदि उपस्थित थी।

