डॉ पूनम शर्मा रचित कविता आमंत्रण सिंधुजा को
आमंत्रण सिंधुजा को(शीर्षक) तुम्हें पसंद है अमावस,और मुझे तुम्हारा इंतज़ार,रोशनी नहीं की है मैंनेघर पर,नगरनिगम वालों ने,रास्ते उबड़-खाबड़ कर डाले हैं,पर तुम तोभावों के रास्ते से आती हो,प्रज्ज्वलित कर रखा है मैंने,जगमग दीपों सेमन का आंगन,,,,भाव पुष्प भी बिछा रखे हैंतुम्हारे पथ पर ,,,,,,,तुम्हारे कोमल चरणपखारना चाहती हूं,आओ तो सही !!गीत भी सुनाऊंगी,भक्ति की चाशनी […]
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