भूली। शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का कालजयी नारा देने वाले, भारतीय संविधान के जनक और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर भाजपा के पूर्व भूली मंडल अध्यक्ष सूरज कुमार पासवान ने देशवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि बाबा साहब केवल एक राजनीतिज्ञ या संविधान निर्माता नहीं थे, बल्कि वे एक ऐसे युगद्रष्टा थे जिन्होंने समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा को न केवल समझा, बल्कि उसे गरिमापूर्ण जीवन दिलाने हेतु अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका मानना था कि किसी भी समाज की प्रगति उस समाज की महिलाओं की प्रगति से मापी जानी चाहिए।
आज की प्रासंगिकता
आज के दौर में जब हम एक विकसित भारत का स्वप्न देख रहे हैं, बाबा साहब के विचार और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। प्रयास पत्र न्यूज पोर्टल जैसे मंचों के माध्यम से उनके लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाना समय की मांग है।
हमारा संकल्प
इस विशेष अवसर पर हमारा उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना होना चाहिए। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे समावेशी समाज का निर्माण करें जहाँ जाति, धर्म और लिंग के आधार पर कोई भेदभाव न हो।

